Monday, 6 February 2012

वीभत्स

यह वीभत्स द्रश्य (में इसे मानवीय संवेदनाओं के सापेक्ष वीभत्स ही कहूँगा )19 जनवरी ,प्रातः 10 बजे सीपरी पुल से 100 कदम पहले सम्राट हॉटल के सामने ,चित्रा चौराहा ,झाँसी का है ,सड़क पर लाश पड़ी है ,बगल के धार्मिक स्थल पर भक्तों की लाइन है ,भजन बज रहा है "इस दुनिया में दुखियों का एक सहारा ",दांयीं ओर कुछ कदम पर मानवाधिकार सम्बंधित एक बैनर हमारे इस ढोंग पर मुंह चिढा रहा है,साथ ही उसी सड़क पर माननीय न्यायाधीश का निवास भी है ...कुछ स्थानीय लोगों से तफ्तीश करनी चाही पर किसी को कोई Interest ,रोमांच नहीं आया ..आखिर में जब S.S.P. JHANSI के निवास पर जाकर विनती की तब वही काम आये जिन्हें हम इंसानियत के पैरोकार दिन रात पशु नाम 'विभूषण' से अलंकृत करते नहीं अघाते हैं !! ...SHAME ! SHAME ! SHAME ! ON OURS..

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